कोरोना महामारी: संक्रमण बढ़ने से शादी-विवाह से जुड़े कारोबारी मायूस, लोग कम कर रहे बजट


संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 21 Jan 2022 10:10 AM IST

सार

देश के साथ राज्य में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से शादी समारोह में शामिल होने वालों की संख्या क्षमता के 50 फीसदी रखने के निर्देश जारी हो गए हैं।

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कोरोना महामारी की दोनों-लहरों की मार से अभी कुछ कारोबारी उबरे भी नहीं थे कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर लोगों के काम को एक फिर प्रभावित करने लगी है। खास कर शादी विवाह के कारोबार से जुड़े कारोबारियों का काम प्रभावित होने से उनका एक बार फिर उनके काम की बैंड बजने लगी है।

देश के साथ राज्य में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से शादी समारोह में शामिल होने वालों की संख्या क्षमता के 50 फीसदी रखने के निर्देश जारी हो गए हैं। करीब डेढ़ महीने बाद एक बार फिर 22 जनवरी से शादी के शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। लेकिन शादियों में समिति लोगों के शामिल होने से लोगों ने शादी के बजट को कम कर दिया है। जिसका सीधा असर टेंट, कैटरिंग, बैंड, फूलों के कारोबार से जुड़े कारोबारियों पर पड़ रहा है।

कारोबारियों का कहना है कि एक शादी में करीब 200 कारोबारियों का रोजगार जुड़ा होता है। लेकिन शादी का बजट कम होने से सीधा असर हमारे कारोबार पर पड़ता है। जबकि कुछ लोगों ने तो अपनी शादियों को कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आगे बढ़ा दिया है। ऐसे में लोगों ने जो एडवांस रुपये दिए हैं उन्हें लौटाना हम सबके लिए मुश्किल काम हैं। 

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कई शादियां स्थगित और शादियों में सीमित लोगों की संख्या होने से कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। करीब डेढ़ महीने तक शादियां न होने से पहले ही आर्थिक संकट बड़ गया है। ऐसा ही रहा तो कुछ और काम देखना होगा। जिससे परिवार का पालन पोषण किया जा सके।
-हैदर अली, गुलाब बैंड संचालक

शादी में लोगों की संख्या कम होने से सीधा असर कैटरिंग के काम पर पड़ता है। शादी का बजट कम होने के साथ ही कैटरिंग के बजट में भी लोग कटौती करते हैं। जिसका सीधा असर हमारे कारोबार पर पड़ रहा है।
-अनिल गोयल, कैटरिंग कारोबारी

कोरोना केस के बढ़ने से लोग शादियां स्थगित करा रहे हैं। बीते दो सप्ताह में दो शादियां स्थगित हो गई हैं। जिससे उनका एडवांस लौटाना अब मुश्किल का काम हो रहा है। जबकि कारोबार से जुड़े कई दर्जन मजदूरों का काम भी प्रभावित हुआ है। कोरोना की दो लहरों में भी ऐसा ही हुआ था। हम तो अभी भी उस नुकसान से नहीं उभर पाए हैं।
– मुकेश कुमार, टेंट कारोबारी

विस्तार

कोरोना महामारी की दोनों-लहरों की मार से अभी कुछ कारोबारी उबरे भी नहीं थे कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर लोगों के काम को एक फिर प्रभावित करने लगी है। खास कर शादी विवाह के कारोबार से जुड़े कारोबारियों का काम प्रभावित होने से उनका एक बार फिर उनके काम की बैंड बजने लगी है।

देश के साथ राज्य में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से शादी समारोह में शामिल होने वालों की संख्या क्षमता के 50 फीसदी रखने के निर्देश जारी हो गए हैं। करीब डेढ़ महीने बाद एक बार फिर 22 जनवरी से शादी के शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। लेकिन शादियों में समिति लोगों के शामिल होने से लोगों ने शादी के बजट को कम कर दिया है। जिसका सीधा असर टेंट, कैटरिंग, बैंड, फूलों के कारोबार से जुड़े कारोबारियों पर पड़ रहा है।

कारोबारियों का कहना है कि एक शादी में करीब 200 कारोबारियों का रोजगार जुड़ा होता है। लेकिन शादी का बजट कम होने से सीधा असर हमारे कारोबार पर पड़ता है। जबकि कुछ लोगों ने तो अपनी शादियों को कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आगे बढ़ा दिया है। ऐसे में लोगों ने जो एडवांस रुपये दिए हैं उन्हें लौटाना हम सबके लिए मुश्किल काम हैं। 

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कई शादियां स्थगित और शादियों में सीमित लोगों की संख्या होने से कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। करीब डेढ़ महीने तक शादियां न होने से पहले ही आर्थिक संकट बड़ गया है। ऐसा ही रहा तो कुछ और काम देखना होगा। जिससे परिवार का पालन पोषण किया जा सके।

-हैदर अली, गुलाब बैंड संचालक

शादी में लोगों की संख्या कम होने से सीधा असर कैटरिंग के काम पर पड़ता है। शादी का बजट कम होने के साथ ही कैटरिंग के बजट में भी लोग कटौती करते हैं। जिसका सीधा असर हमारे कारोबार पर पड़ रहा है।

-अनिल गोयल, कैटरिंग कारोबारी

कोरोना केस के बढ़ने से लोग शादियां स्थगित करा रहे हैं। बीते दो सप्ताह में दो शादियां स्थगित हो गई हैं। जिससे उनका एडवांस लौटाना अब मुश्किल का काम हो रहा है। जबकि कारोबार से जुड़े कई दर्जन मजदूरों का काम भी प्रभावित हुआ है। कोरोना की दो लहरों में भी ऐसा ही हुआ था। हम तो अभी भी उस नुकसान से नहीं उभर पाए हैं।

– मुकेश कुमार, टेंट कारोबारी



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